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Showing posts from February, 2020

तारीफ शायरी, tareef shayari | uff ye labon ki laali|उफ़ ये लबों की लाली

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Uff ye labon ki laali Tauba ye tabassum ka qeher . . Julfon me chhipa shab ka dariya Aankho me hai noor e seher

तस्वीर हो मुखातिब तो बात बन जाये| तस्वीर शायरी, tasveer shayari|mulaqaat shayari

खाली है दिल खयालों मे तेरी आहट तुम रूबरू हो तो मुलाक़ात बन जाये मैं लफ़्ज़ों में ढूंढता हूँ तारीफ का जरिया तस्वीर हो मुखातिब तो बात बन जाये ...... Khali hai dil khayaalon me teri aahat Tum rubroo ho to mulaqaat ban jaaye . . Main lafzon me dhundta hun tarif ka jariya Tasveer ho mukhatib to baat ban jaaye

तेरी मोहब्बत का मैं कर्जदार पहले भी था अब भी हूँ , teri mohabbat ka main karjdaar phle bhi tha ab bhi hun| aashnaai shayari,sad shayari

तेरी मोहब्बत का मैं कर्जदार पहले भी था अब भी हूँ किया जो इश्क़ तुझसे करके उस गुनाह का गुनहगार पहले भी था अब भी हूँ मैं अब भी लरज़ जाता हूँ मुश्किल से सम्भल पाता हूँ आबाद था तेरी आशनाई से तेरी बेरुखी से बरबाद पहले भी था अब भी हूँ ना लिखा कहीं ख़ता क्या रही ना बात कुछ पता क्या रही अधूरी जो रह गई कहानी उस कहानी का किरदार पहले भी था अब भी हूँ तेरी मोहब्बत का मैं तलबगार पहले भी था अब भी हूँ आशनाई- दोस्ती, प्रेम ....... Teri mohabbat ka main karjdaar Phle bhi tha ab bhi hun Kiya jo ishq tujhse karke Us gunah ka gunahgaar Phle bhi tha ab bhi hun Main ab bhi laraz jata hun Muskil se sambhal pata hun Aabaad tha teri aashnaai se Teri berukhi se barbaad Phle bhi tha ab bhi hun Na likha kahin khata kya rahi Na baat kuch pata kya rahi Adhuri jo rah gai kahani Us kahani ka kirdaar Phle bhi tha ab bhi hun Teri mohabbat ka main talabgaar Phle bhi tha ab bhi hun Copyright©merishayri2020sunilsharma, all rights reserved

तुम जो करते हो दिल्लगी है प्यार नहीं है,Ishq shayari, इश्क़ शायरी

कितना किया कब किया किस से किया ना रखो हिसाब ये इश्क़ है व्यापार नही है करे जो इश्क़ कोई खुदा मानकर तुम्हे बशर वो मासूम बहुत,अय्यार नहीं है करते हो तकल्लुफ़ क्यूँ मोहब्बत है अगर कहते हो आतिश ए इश्क़ तय्यार नहीं है मालूम नहीं इश्क़ का फलसफा शायद तुम जो करते हो दिल्लगी है प्यार नहीं है बशर - human being अय्यार - clever फलसफा -philosophy, ज्ञान आतिश - fire, आग ............. Kitna kiya kab kiya kis se kiya Na rkho hisaab ye ishq hai vyapaar nhi hai Kre jo ishq koi khuda maankar tumhe Bashar wo masoom bahut ayyar nhi hai Karte ho taqalluf kyun mohabbat hai agar Kahte ho aatish e ishq tayyar nhin hai Maloom nhi ishq ka falsafa shayad Tum jo krte ho dillagi hai pyar nhi hai

वस्ल की रात vasl ki raat

माना कि मुश्किल है सफर नही आसान आएंगे कई इम्तेहान होगी हिज्र की बात  मुमकिन है दूरी भी होगी दरमियां कभी आएगी यक़ीनन मगर वस्ल की रात वस्ल- मिलन हिज़्र - जुदाई ......... Maana ki muskil hai safar nhi aasan Aayenge kai imtehan hogi hizr ki baat Mumkin hai duri bhi hogi darmiyan kabhi Aayegi yakeenan magar vasl ki raat ©merishayri 2020sunil sharma, all rights reserved

Deshbhakti shayri, patriotism shayri

थम ना पायेगा कारवाँ ए अहल ए वतन कभी वतन पर फिदा दीवाने यहाँ नौजवान कम नहीं वतन से की है मोहब्बत वतन के हैं आशिक हम                आशिकी में हमारी अब, चली जाए जान ग़म नहीं .............. Tham na paayega kaarwan e ahal e vatan kabhi Vatan par fida dewaane yahan naujawan kam nhin Vatan se ki hai mohabbat,vatan ke hai aashiq ham Aashiqi me hamari ab, chali jaaye jaan gham nhin © merishayri2020 sunil sharma, all rights reserved

तुम क्या जानोगे मेरे दिल मे क्या है| shayari on dil, दिल शायरी

तुम क्या जानोगे मेरे दिल मे क्या है खाली मकां है या कोई रहता यहाँ है मेहमां बन के आये मुसाफिर बहुत रहने को हमेशा,कोई आता कहाँ है आती कहाँ बहार खिज़ाओं मे कभी खुद ही बना बाग, खुद ही बागबाँ है साहिल से महरूम हो जैसे लहरे आबशार ये सूखा,बिन पानी बहा है अब ये दिल नही बयाबान है कोई बामुश्किल् परिंदा कोई, जाता जहाँ है खिज़ा - पतझड़ बागबाँ- माली महरूम- वंचित बयाबां - उजाड़, सुनसान जंगल आबशार - झरना .......... Tum kya jaanoge mere dil me kya hai Khali makan hai ya koi rahta yahan hai Mehman ban ke aaye musafir bahut Rahne hmesha koi aata kahan hai Aati kahan bahaar kabhi khizaon me kabhi Khud hi bana baag khud hi baagban hai Sahil se mahroom ho jaise lahre Aabshaar ye sukha, bin paani baha hai Ab ye dil nhin bayabaan hai koi Bamuskil parinda koi, jata jahan hai ©merishayri2020 sunil sharma, all rights reserved

दिल का नगर खाली नहीं होता | shayari on dil, दिल शायरी

उठा दिया करो तुम भी कभी हाथ अर्ज करने के लिए कि हर बार तारीफ का जरिया ताली नही होता चले जाओ उठकर महफ़िल से बेशक मग़र सुन लो किसी एक के चले जाने से दिल का नगर खाली नहीं होता  ©meri shayri 2020 sunil sharma, all rights reserved

कभी चाँद था मिशाल ए खूबसूरती मेरी नज़र मे,shayari on chaand, चाँद शायरी

उनकी सोहबत ने है बख्शी ये कैसी खुदाई तौबा कलम से करने की है नौबत आई कभी चाँद था मिशाल ए खूबसूरती मेरी नज़र मे अब दो आँखों पर लिख देता हूं सैकड़ो रुबाई सोहबत - संग, साथ रुबाइ - 4 line poetry ©meri shayri 2020 sunil sharma, all rights reserved

खो गया वो मेरा हमनफस दुनियां की भीड़ में, हमनफ़स शायरी, Hamnafas shayari

खो गया वो मेरा हमनफस दुनियां की भीड़ में बन के रह गया अधूरी कहानियों का हिस्सा रो देता है आलम ऐ तन्हाई में अक्सर दिल याद जब आता है गुजरी हुई जिंदगी का किस्सा  ©meri shayri 2020 sunil sharma, all rights reserved

Sad shayri

क्या तुमने मुझे समझा है कभी,क्या तुमने मुझे है जाना क्या तुमने कभी झाँका मुझमे, क्या तुमने मुझे पहचाना मैं जर्द हुआ जाता ग़म मे, मैं सुर्ख हुआ जाता हमदम इस हाल मे ना तु छोड़ मुझे, मैं दुनिया से बेगाना हालात मेरे बदतर ना थे  ,ना तुझसे था याराना अब देख भी ले कुछ याद तुझे, क्या था मेरा अफसाना ना कसमें थी ना वादे थे ,ना था कोई साथ निभाना तुझसे मिलने से पहले था ,मै भी खुशहाल दीवाना ©meri shayri 2020 sunil sharma, all rights reserved

Love shayri

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