Izhaar shayri, propose shayri

करता रहा इकतरफा मोहब्बत अरसों से
अब लगा चुपचाप करने मे मजा क्या है

र दिया है बयां हाल ए दिल सरेआम
इकरार है या इनकार, तेरी रज़ा क्या है


इकरार- acceptance, स्वीकार
रज़ा- मर्जी

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