Dosti shayri

हो कर मशरूफ  कश्मकश ए हयात मे
बेखबर बेसबब किस उलझन मे फंसा हूँ


मिल गए कुछ यार कूचा ए रोजगार मे
आज एक मुद्दत बाद मैं खुल के हंसा हूँ


हयात- जिंदगी, life
मशरूफ - व्यस्त, busy
बेसबब - बेवजह

©meri shayri 2020 sunil sharma, all rights reserved

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